गुलाबी रंग में ढला है उनका हुस्न इस तरह,
जैसे सुबह की पहली किरण गुलशन में बिखरी हो।
उनकी सादगी पर तो पूरा जमाना फिदा है,
जैसे खुदा ने फुर्सत में ये मूरत तराशी हो..."
गुलाबी रंग में ढला है उनका हुस्न इस तरह, जैसे सुबह की पहली किरण गुलशन में बिखरी हो। उनकी सादगी पर तो पूरा जमाना फिदा है, जैसे खुदा ने फुर्सत में ये मूरत तराशी हो..."
0 Commentaires 0 Parts 120 Vue